ताज़ा खबर
• फर्स्ट उत्तर प्रदेश स्टेट आशिहारा कराटे चैंपियनशिप का आयोजन 8 अक्टूबर को खोट्टा, कुशीनगर में• इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश उपाध्यक्ष को मिला जनहित सर्वोच्च सम्मान 2023 का पुरस्कार• इंडियन ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की• 154 वीं महात्मा गांधी जयंती पर एन. टी. चिल्ड्रेन एकेडमी में आयोजित हुआ कार्यक्रम।• गाँधी जयंती पर पुरस्कार वितरण व सम्मान समारोह का हुआ आयोजन• नेशनल थाईबाक्सिंग चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलड़ियो को सम्मानित किया गया• नेशनल थाईबाक्सिंग चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम ने 5 स्वर्ण सहित 10 पदक जीते।• इमामे हुसैन की शहादत को किसी धर्म संप्रदाय तक सीमित नहीं रखा जा सकता• सामाजिक संरचना तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान- मो० रजि सिद्दीकी• फ़िराक़ तमाम अहल-ए-अदब तुझ को याद रखेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को दिया बड़ा झटका: मदरसा एक्ट को दी मान्यता, इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004 पर बड़ा फैसला सुनाया

📅 05-11-2024 12:04 PM 👁 3 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
बड़ी खबर

<p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004 की वैधता को बरकरार रखा है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें मदरसा अधिनियम को असंवैधानिक करार दिया गया था।</p>
<p>चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से 17 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा और उन्हें दूसरे स्कूल में ट्रांसफर करने का निर्देश देना ठीक नहीं है। धर्मनिरपेक्षता का मतलब है- जियो और जीने दो।</p>
<p>मदरसा अजीजिया इजाजतूल उलूम के मैनेजर अंजुम कादरी और अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने क्या कहा ?मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उच्च न्यायालय ने यह कहकर गलती की है कि यदि कानून धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करता है तो उसे निरस्त किया जाना चाहिए।सीजेआई: राज्य शिक्षा के मानकों को विनियमित कर सकता है….शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित विनियमन मदरसों के प्रशासन में हस्तक्षेप नहीं करता है।सीजेआई: बोर्ड और राज्य सरकार के पास शिक्षा का मानक निर्धारित करने के लिए पर्याप्त शक्तियां हैं।मुख्य न्यायाधीश का मानना है कि किसी कानून में किसी प्रकार का धार्मिक प्रशिक्षण या निर्देश शामिल होने मात्र से वह असंवैधानिक नहीं हो जाता।सीजेआई: इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया जाता है।</p>
<p>फाजिल और कामिल के तहत अब डिग्री नहीं देगा मदरसा बोर्ड</p>
<p>सीजेआई ने अपने फैसले में कहा कि फाजिल और कामिल के तहत डिग्री देने का कानून राज्य के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और यूजीसी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।</p>
<p>वकील: अब तक दी गई डिग्रियों का क्या होगा?सीजेआई: हमने यशपाल के फैसले का पालन किया है…हम इसे व्याख्या के लिए छोड़ देंगे, यूजीसी अधिनियम की धारा 22 के पहलू पर दोनों पक्षों में व्यापक स्वीकृति थी</p>

Give Reaction (0)

Share (0)

Comments (0)

Published By

📰 Editor ★★★★★
H

Hindi@Hamariaawaz

📍 Faizabad

📰 1048 Posts👁 931 Readers📊 0.9 Avg Readers

Reporter of News Home

More in this category

हज यात्रा के लिए 2026 तक का पासपोर्ट वैलिड होना जरूरी

हज यात्रा 2025: फॉर्म आवेदन की तारीख 23 सितंबर तक बढ़ी

BSNL के 30 दिन वाले सबसे सस्ते Plan ने बढ़ाई Jio-Airtel की टेंशन! 16 रुपये में मिलते हैं इतने सारे Benefits

Most Popular Posts

गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु

👁 172 Views

मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा

👁 121 Views

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन

👁 82 Views

ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति

👁 71 Views

रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप

👁 71 Views

WA